
पर्सनल लोन क्या है और लोग इसे क्यों लेते हैं?
पर्सनल लोन एक ऐसा वित्तीय विकल्प है जिसमें लोन लेने वाले व्यक्ति को किसी भी प्रकार की संपत्ति या गारंटी बैंक के पास जमा नहीं करनी पड़ती। इसी वजह से यह लोन जल्दी मिल जाता है और इसका इस्तेमाल शादी के खर्च, इलाज, घर की मरम्मत, पढ़ाई या किसी अचानक जरूरत को पूरा करने के लिए किया जाता है।
बैंक या एनबीएफसी आपकी मासिक आय, नौकरी की स्थिरता और क्रेडिट स्कोर देखकर लोन मंजूर करती है। इसके बाद आपको हर महीने एक निश्चित रकम EMI के रूप में चुकानी होती है, जिसमें मूलधन और ब्याज दोनों शामिल रहते हैं।
₹2,00,000 के पर्सनल लोन पर 3 साल में EMI कितनी आएगी?
अगर कोई व्यक्ति ₹2 लाख का पर्सनल लोन 3 साल यानी 36 महीनों के लिए लेता है, तो उसकी EMI पूरी तरह ब्याज दर पर निर्भर करती है। आमतौर पर पर्सनल लोन पर 12% से 18% सालाना तक ब्याज लिया जाता है।
उदाहरण के तौर पर अगर ब्याज दर 14% सालाना मानी जाए, तो ऐसे में हर महीने आपको करीब ₹6,700 से ₹6,900 तक की EMI चुकानी पड़ सकती है। अलग-अलग बैंकों की नीतियों के कारण इसमें थोड़ा फर्क संभव है।
EMI की गणना को आसान भाषा में समझें
EMI यानी वह तय रकम जो आपको हर महीने बैंक को देनी होती है। 3 साल की अवधि में कुल 36 EMI चुकानी होती हैं।
यदि आपकी EMI लगभग ₹6,800 आती है, तो 36 महीनों में आपका कुल भुगतान करीब ₹2.45 लाख से ₹2.50 लाख तक पहुंच सकता है।
इस कुल रकम में ₹2,00,000 आपकी असली लोन राशि होती है, जबकि बाकी पैसा ब्याज के रूप में बैंक को जाता है। ब्याज दर जितनी अधिक होगी, उतना ही ज्यादा कुल भुगतान करना पड़ेगा।
₹2 लाख के लोन का पूरा हिसाब एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| लोन राशि | ₹2,00,000 |
| अवधि | 3 साल (36 महीने) |
| ब्याज दर | लगभग 14% सालाना |
| मासिक EMI | ₹6,800 के आसपास |
| कुल भुगतान | करीब ₹2.45 लाख |
पर्सनल लोन लेने से पहले इन बातों पर जरूर ध्यान दें
लोन लेने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आपकी मासिक आय से EMI आराम से चुकाई जा सके। EMI आपकी कुल आमदनी का बहुत बड़ा हिस्सा नहीं होनी चाहिए, वरना भविष्य में आर्थिक परेशानी हो सकती है।
इसके अलावा हमेशा अलग-अलग बैंकों और फाइनेंस कंपनियों की ब्याज दरों की तुलना करें। कम ब्याज दर चुनने से न सिर्फ EMI कम होती है, बल्कि कुल लोन लागत भी घट जाती है।
EMI समय पर न भरने से क्या नुकसान हो सकता है?
अगर आप EMI समय पर नहीं चुकाते हैं, तो बैंक आपसे लेट फीस या पेनल्टी वसूल सकता है। साथ ही आपका क्रेडिट स्कोर भी गिर सकता है, जिससे आगे चलकर लोन या क्रेडिट कार्ड लेना मुश्किल हो जाता है।
इसलिए जरूरत के हिसाब से ही लोन लें और समय पर EMI चुकाने की पूरी योजना पहले से बनाकर रखें।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। पर्सनल लोन की EMI, ब्याज दर और शर्तें बैंक या फाइनेंस कंपनी के अनुसार बदल सकती हैं। लोन लेने से पहले संबंधित संस्थान की आधिकारिक जानकारी जरूर जांच लें।







