
अगर आपको शादी, इलाज, बच्चों की पढ़ाई या किसी जरूरी काम के लिए पैसों की जरूरत है और आप ₹5 लाख का पर्सनल लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि हर महीने कितनी EMI चुकानी पड़ेगी। EMI यानी Equated Monthly Installment वह तय रकम होती है, जो आपको हर महीने बैंक या फाइनेंस कंपनी को देनी होती है। EMI का सही अंदाजा पहले से होना जरूरी है, ताकि भविष्य में आर्थिक दबाव न बने।
पर्सनल लोन क्या है और कैसे मिलता है
पर्सनल लोन एक अनसिक्योर्ड लोन होता है, यानी इसमें किसी भी तरह की संपत्ति या गारंटी गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती। बैंक आपकी नौकरी, मासिक आय, उम्र और क्रेडिट स्कोर के आधार पर लोन मंजूर करता है। चूंकि इसमें बैंक को ज्यादा जोखिम रहता है, इसलिए पर्सनल लोन की ब्याज दर आमतौर पर अन्य लोन की तुलना में थोड़ी ज्यादा होती है। यह लोन 1 साल से लेकर 5 साल या उससे अधिक अवधि के लिए लिया जा सकता है।
₹5 लाख के पर्सनल लोन की EMI कैसे तय होती है
पर्सनल लोन की EMI तीन मुख्य बातों पर निर्भर करती है—
- लोन राशि (यहां ₹5 लाख)
- ब्याज दर (जो बैंक के अनुसार बदलती है)
- लोन अवधि (कितने साल में लोन चुकाना है)
आमतौर पर पर्सनल लोन पर सालाना ब्याज दर 11% से 15% के बीच होती है। यहां उदाहरण के तौर पर 12% सालाना ब्याज दर मानकर EMI की गणना की गई है।
5 साल के लिए ₹5 लाख के पर्सनल लोन पर EMI का पूरा कैलकुलेशन
अगर आप ₹5,00,000 का पर्सनल लोन 5 साल यानी 60 महीनों के लिए लेते हैं और ब्याज दर 12% सालाना है, तो आपकी मासिक EMI लगभग ₹11,100 होगी। यानी हर महीने करीब 11 हजार रुपये बैंक को चुकाने होंगे।
पूरी अवधि में आप कुल मिलाकर करीब ₹6.66 लाख रुपये चुकाएंगे, जिसमें लगभग ₹1.66 लाख रुपये ब्याज के रूप में शामिल होंगे।
| लोन राशि | अवधि | ब्याज दर (सालाना) | मासिक EMI | कुल भुगतान |
|---|---|---|---|---|
| ₹5,00,000 | 5 साल | 12% | ₹11,100 (लगभग) | ₹6,66,000 (लगभग) |
नोट: यह आंकड़े अनुमानित हैं, वास्तविक EMI बैंक की शर्तों के अनुसार बदल सकती है।
EMI कम या ज्यादा होने के कारण
अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है और आय स्थिर है, तो बैंक कम ब्याज दर पर लोन दे सकता है, जिससे EMI कम हो जाती है। वहीं ब्याज दर ज्यादा होने पर EMI बढ़ जाती है। इसके अलावा, अगर आप 5 साल की बजाय 3 साल की अवधि चुनते हैं, तो EMI ज्यादा होगी लेकिन कुल ब्याज कम देना पड़ेगा।
पर्सनल लोन लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
पर्सनल लोन लेना आसान है, लेकिन इसे सोच-समझकर लेना जरूरी है। EMI इतनी होनी चाहिए कि आप हर महीने बिना तनाव के चुका सकें। विशेषज्ञों की मानें तो आपकी कुल EMI आपकी मासिक आय के 30–40% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए, ताकि बाकी खर्चों पर असर न पड़े।
निष्कर्ष
अगर आपको तुरंत पैसों की जरूरत है और आप ₹5 लाख का पर्सनल लोन लेने की सोच रहे हैं, तो EMI और ब्याज का सही आकलन करना बेहद जरूरी है। सही अवधि और ब्याज दर चुनकर आप अपनी EMI को संतुलित रख सकते हैं और आर्थिक बोझ से बच सकते हैं।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। ब्याज दर, EMI और कुल भुगतान की राशि बैंक, आपकी प्रोफाइल और बाजार की स्थिति के अनुसार बदल सकती है। लोन लेने से पहले संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था से पूरी जानकारी जरूर लें।







